इसके लिए बहुत से अंगे्रज अधिकारियों को बड़ा दुःख हुआ। पर क्या करते बेचारे! विद्रोह होने पर सुरक्षा के लिए जो चारदीवारी का स्थान बनाया गया था-जैसा पीछे कहा है-उस स्थान क ओर ध्यान दें तो अंगे्रजों के कैसी दयनीय स्थिति हो गई थी, यह तत्काल समझ मंे आ जाता है। ‘भेड़िया आया रे भेड़िया’, ऐसी गप यदि कोई उड़ा सकता तो अंगे्रजों के परिवार अस्त-व्यस्त दौड़-भाग करने लगते। एक अंगे्रज अधिकारी लिखता है-
‘‘मैं जब वहां था तो मैंने देखा कि बग्घियों,
इसके लिए बहुत से अंगे्रज अधिकारियों को बड़ा दुःख हुआ। पर क्या करते बेचारे! विद्रोह होने पर सुरक्षा के लिए जो चारदीवारी का स्थान बनाया गया था-जैसा पीछे कहा है-उस स्थान क ओर ध्यान दें तो अंगे्रजों के कैसी दयनीय स्थिति हो गई थी, यह तत्काल समझ मंे आ जाता है। ‘भेड़िया आया रे भेड़िया’, ऐसी गप यदि कोई उड़ा सकता तो अंगे्रजों के परिवार अस्त-व्यस्त दौड़-भाग करने लगते। एक अंगे्रज अधिकारी लिखता है-
‘‘मैं जब वहां था तो मैंने देखा कि बग्घियों,