1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

दिखा चुके थे कि हम कितने कायर हैं और हमारी दशा कितनी दयनीय हैं।’’

अंगे्रजों द्वारा अपने व्यवहार से दरशाया गया यह डरपोकपन, उपर्युक्त अधिकारी कहता है वैसे वास्तव में नेटिवों ने पहचान लिया था। परंतु वह कोई आज की की नई बात नहीं। जब चारदीवारी बनाने का काम प्रारंभ हुआ, तभी अजीमुल्ला खान ने एक लेफ्टिनेंट से मुसकराते हुए यही तो कहा था। उस लेफ्टिनेंट से अजीमुल्ला खान ने अपनी हमेशा जैसी मधुर वाणी में पूछा,


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दिखा चुके थे कि हम कितने कायर हैं और हमारी दशा कितनी दयनीय हैं।’’

अंगे्रजों द्वारा अपने व्यवहार से दरशाया गया यह डरपोकपन, उपर्युक्त अधिकारी कहता है वैसे वास्तव में नेटिवों ने पहचान लिया था। परंतु वह कोई आज की की नई बात नहीं। जब चारदीवारी बनाने का काम प्रारंभ हुआ, तभी अजीमुल्ला खान ने एक लेफ्टिनेंट से मुसकराते हुए यही तो कहा था। उस लेफ्टिनेंट से अजीमुल्ला खान ने अपनी हमेशा जैसी मधुर वाणी में पूछा,


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