1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

टापों की आवाज करते सरपट दौड़ते निकले। कुछ अंगे्रजी पगड़ियों और घरों को आग लगाने निकले, कुछ अन्य रेजिमेंटों को बुलाने गए और कुछ लश्करी निशानों और झंडों को कब्जें में लेने निकले। ये झंडे जिसके कब्जे में थे, वह वृद्ध सूबेदार मेजर नेटिव होते हुए भी विद्रोहियों के विरूद्ध जाता-सा दिखाई दिया, अतः एक तलवार का वार उसके सिर पर पड़ा और


1857 का स्वातंत्र्य समर - 184

तुरंत उसका धड़ नीचे गिर गया। ‘‘पहली पैदल रेजिमेंट


854 of 2102

टापों की आवाज करते सरपट दौड़ते निकले। कुछ अंगे्रजी पगड़ियों और घरों को आग लगाने निकले, कुछ अन्य रेजिमेंटों को बुलाने गए और कुछ लश्करी निशानों और झंडों को कब्जें में लेने निकले। ये झंडे जिसके कब्जे में थे, वह वृद्ध सूबेदार मेजर नेटिव होते हुए भी विद्रोहियों के विरूद्ध जाता-सा दिखाई दिया, अतः एक तलवार का वार उसके सिर पर पड़ा और


1857 का स्वातंत्र्य समर - 184

तुरंत उसका धड़ नीचे गिर गया। ‘‘पहली पैदल रेजिमेंट


854 of 2102