वह राजनिष्ठ भिश्ती भी नहीं दिखा। अजीमुल्ला खान द्वारा चाही संख्या में अंगे्रजी सेना की दुर्दशा कर देने के कारण फिर से अपनी जान खतरे में डालने की उस भिश्ती को कोई आश्यकता नहीं थी। शत्रु की ओर के जासूसों द्वारा बार-बार किए जाते ऐसे छल के कारण अंगे्रज उदास हो जाते।
6 जून को आक्रमण की अग्रिम सूचना अंगे्रजों को देने के बाद उदास हो जाते। अपना शिविर उस युद्ध स्थल के बहुत पास ही लगा लिया था। चारदीवारी के
वह राजनिष्ठ भिश्ती भी नहीं दिखा। अजीमुल्ला खान द्वारा चाही संख्या में अंगे्रजी सेना की दुर्दशा कर देने के कारण फिर से अपनी जान खतरे में डालने की उस भिश्ती को कोई आश्यकता नहीं थी। शत्रु की ओर के जासूसों द्वारा बार-बार किए जाते ऐसे छल के कारण अंगे्रज उदास हो जाते।
6 जून को आक्रमण की अग्रिम सूचना अंगे्रजों को देने के बाद उदास हो जाते। अपना शिविर उस युद्ध स्थल के बहुत पास ही लगा लिया था। चारदीवारी के