1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

उसके लिए तुम्हारा जो कर्तव्य है वह तुम पूरा करोगे न!

और यह कर्तव्य पूरा करने का शुभ अवसर न गंवाने के लिए ही इस दिन नाना की सेना में बड़ा हल्ला-गुल्ला मचा हुआ था। आज तक जैसा कभी नहीं किया ऐसा जोरदार हमला करने का निश्चय कर यद्यपि लश्कर का हर व्यक्ति नहीं फिर भी सारे-के-सारे भाग सज्जित हो गए थे। तोपखाना, घुड़सवार और पैदल-सारे लश्कर उस ऐतिहासिक दिन के स्मरण से स्फूर्तिमान होकर रणांगण में उतर पड़े। उनमें


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उसके लिए तुम्हारा जो कर्तव्य है वह तुम पूरा करोगे न!

और यह कर्तव्य पूरा करने का शुभ अवसर न गंवाने के लिए ही इस दिन नाना की सेना में बड़ा हल्ला-गुल्ला मचा हुआ था। आज तक जैसा कभी नहीं किया ऐसा जोरदार हमला करने का निश्चय कर यद्यपि लश्कर का हर व्यक्ति नहीं फिर भी सारे-के-सारे भाग सज्जित हो गए थे। तोपखाना, घुड़सवार और पैदल-सारे लश्कर उस ऐतिहासिक दिन के स्मरण से स्फूर्तिमान होकर रणांगण में उतर पड़े। उनमें


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