1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

का संबंध नहीं हो और जो शस्त्र नीचे रखकर शरण आने को तैयार होंगे उन्हें इलाहाबाद सुरक्षित पहंुचाया जाएगा।’’ यह चिट्ठी अजीमुल्ला खान के हस्ताक्षरों और नाना के आदेश से लिखी हुई है।

यह चिट्ठी आते ही जनरल व्हीलर ने उस पर विचार करने के सारे अधिकार कैप्टन मूर एवं व्हाइटिंग को दिए और उन दोनों अधिकारियों ने नाना के सामने आत्मसमपर्ण करने का निश्चय पक्का किया। दूसरे दिन 23 जून को नाना की ओर से ज्वाला प्रसाद और अजीमुल्ला खान,


908 of 2102

का संबंध नहीं हो और जो शस्त्र नीचे रखकर शरण आने को तैयार होंगे उन्हें इलाहाबाद सुरक्षित पहंुचाया जाएगा।’’ यह चिट्ठी अजीमुल्ला खान के हस्ताक्षरों और नाना के आदेश से लिखी हुई है।

यह चिट्ठी आते ही जनरल व्हीलर ने उस पर विचार करने के सारे अधिकार कैप्टन मूर एवं व्हाइटिंग को दिए और उन दोनों अधिकारियों ने नाना के सामने आत्मसमपर्ण करने का निश्चय पक्का किया। दूसरे दिन 23 जून को नाना की ओर से ज्वाला प्रसाद और अजीमुल्ला खान,


908 of 2102