1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अंगे्रजों की ओर से मूर, व्हाइटिंग और रोचे मिले। अंगे्रज अपनी सारी तोपें, खजाना, गोला-बारूद और शस्त्रास्त्र नाना को सौंप दें और नाना उन्हें खाने-पीने की सामग्री देकर इलाहाबाद पहुंचा दें-यह तय हुआ। ये शर्तें एक कागज पर लिखी गई और श्रीमंत नाना के हस्ताक्षर लेने अजीमुल्ला खान आदि लौट आए। इस भेंट मंें आरंभिक भाषण अंगे्रजी में होने के बाद शेष भाषण हिंदुस्थानी में हुए। दोपहर के समय अंग्रेज उसी रात निकलें,


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अंगे्रजों की ओर से मूर, व्हाइटिंग और रोचे मिले। अंगे्रज अपनी सारी तोपें, खजाना, गोला-बारूद और शस्त्रास्त्र नाना को सौंप दें और नाना उन्हें खाने-पीने की सामग्री देकर इलाहाबाद पहुंचा दें-यह तय हुआ। ये शर्तें एक कागज पर लिखी गई और श्रीमंत नाना के हस्ताक्षर लेने अजीमुल्ला खान आदि लौट आए। इस भेंट मंें आरंभिक भाषण अंगे्रजी में होने के बाद शेष भाषण हिंदुस्थानी में हुए। दोपहर के समय अंग्रेज उसी रात निकलें,


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