का आटा दिया जाता। स्वयं जीवित रहने के लिए कितने कष्ट उठाने पड़ते हैं-इसका पाठ उन्हें मिला। ऐसी कैद का अंत क्या हुआ और उसके लिए क्या कारण घटित हुआ, इसका खुलासा यथा अवसर आने तक इन महिलाओं और बच्चों को उस कैद में ही छोड़कर अधिक महŸव की बातों को देखें।
25 जून को कानपुर के अंगे्रजी शासन का पूर्ण निर्मूलन हो जाने के बाद लगभग पांच बजे श्री नाना ने एक विशाल दरबार आयोजित किया। उस राजदरबार के सम्मानार्थ उस समय
का आटा दिया जाता। स्वयं जीवित रहने के लिए कितने कष्ट उठाने पड़ते हैं-इसका पाठ उन्हें मिला। ऐसी कैद का अंत क्या हुआ और उसके लिए क्या कारण घटित हुआ, इसका खुलासा यथा अवसर आने तक इन महिलाओं और बच्चों को उस कैद में ही छोड़कर अधिक महŸव की बातों को देखें।
25 जून को कानपुर के अंगे्रजी शासन का पूर्ण निर्मूलन हो जाने के बाद लगभग पांच बजे श्री नाना ने एक विशाल दरबार आयोजित किया। उस राजदरबार के सम्मानार्थ उस समय