1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अनेक कहते हैं । उस सम्मान के लिए महाराज ने उस विशाल सेना का आभार माना और वे


1857 का स्वातंत्र्य समर - 199

बोले, ‘‘यह आज की विजय आप सबकी है, इसलिए इसमें आप सबका भी समान सम्मान हैं ं ं ।’’ बाद में इस संयुक्त धर्मयुद्ध की उस विजय के लिए नाना ने एक लाख रूपए उस लश्कर को पुरस्कार देने का आदेश दिया है, यह घोषित होते ही इक्कीस तोपों की और सलामी हुई। बाद में नाना के भतीजे राव साहब और बाला साहब प्रत्येक


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अनेक कहते हैं । उस सम्मान के लिए महाराज ने उस विशाल सेना का आभार माना और वे


1857 का स्वातंत्र्य समर - 199

बोले, ‘‘यह आज की विजय आप सबकी है, इसलिए इसमें आप सबका भी समान सम्मान हैं ं ं ।’’ बाद में इस संयुक्त धर्मयुद्ध की उस विजय के लिए नाना ने एक लाख रूपए उस लश्कर को पुरस्कार देने का आदेश दिया है, यह घोषित होते ही इक्कीस तोपों की और सलामी हुई। बाद में नाना के भतीजे राव साहब और बाला साहब प्रत्येक


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