1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

किले के दरवाजे खोल दिए। अंगे्रजों को शस्त्र नीचे रखने के आदेश हुए। उन्होंने शस्त्र नीचे रखे और वे हतभागी गोरे लोग बाहर आने लगे और सिपाही उन्हें देखते ही ‘मारो फिरंगी को’ कहते हुए उनपर टूट पड़े। 8 जून को अंगे्रज पुरूषों के हाथ बांधकर उनका एक जंगी जुलूस शहर में से निकाला गया। उस जुलूस में ही झांसी का मुख्य कमिश्नर स्कीन अधोमुख चल रहा था। जोगन बाग के पास आते ही रिसालदार साहब ने आदेश दिया-‘‘एक-एक गोरा काटा


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किले के दरवाजे खोल दिए। अंगे्रजों को शस्त्र नीचे रखने के आदेश हुए। उन्होंने शस्त्र नीचे रखे और वे हतभागी गोरे लोग बाहर आने लगे और सिपाही उन्हें देखते ही ‘मारो फिरंगी को’ कहते हुए उनपर टूट पड़े। 8 जून को अंगे्रज पुरूषों के हाथ बांधकर उनका एक जंगी जुलूस शहर में से निकाला गया। उस जुलूस में ही झांसी का मुख्य कमिश्नर स्कीन अधोमुख चल रहा था। जोगन बाग के पास आते ही रिसालदार साहब ने आदेश दिया-‘‘एक-एक गोरा काटा


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