1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar



प्रकरण-9

अवध का रण

अवध का राज डलहौजी द्वारा अधिगृहीत किए जाने के बाद से उस प्रदेश की प्रजा की दुर्दशा बढ़ती ही जा रही थी। अवध की स्वतंत्रता नष्ट हो जाने के बाद नवाब के राज्य में अंगे्रज अधिकारियों की नियुक्ति होने के कारण बड़े-बड़े पद-सम्मान से सारे स्वदेशी लोगों को पदच्युत होना पड़ा था। नवाब की सेना समाप्त कर दी गई। उसके सरदार दरिद्रता में धकेल दिए गए। उसके सरदार और मंत्री वैभव-विहीन होकर उपजीविका


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प्रकरण-9

अवध का रण

अवध का राज डलहौजी द्वारा अधिगृहीत किए जाने के बाद से उस प्रदेश की प्रजा की दुर्दशा बढ़ती ही जा रही थी। अवध की स्वतंत्रता नष्ट हो जाने के बाद नवाब के राज्य में अंगे्रज अधिकारियों की नियुक्ति होने के कारण बड़े-बड़े पद-सम्मान से सारे स्वदेशी लोगों को पदच्युत होना पड़ा था। नवाब की सेना समाप्त कर दी गई। उसके सरदार दरिद्रता में धकेल दिए गए। उसके सरदार और मंत्री वैभव-विहीन होकर उपजीविका


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