मुख्य पीड़ा थी और उसका समाधान अच्छे शसन से नहीं, विदेशी शासन की समाप्ति से ही हो सकता था। मान सिंह जैसे प्रबल हिंदू राजा और सिकंदर शाह जैसे मुसलमानों के अधीकारी दोनों ही धर्म के देशभक्त नेताओं ने स्वतंत्रता के लिए अपना सबकुछ समर्पित करने का निश्चय किया था। हजारों मौलवी और पंडित इस जिहाद का गुप्त और खुला उपदेश करते हुए सारी अवध में घूमने लगे। लश्कर, पुलिस, जमींदार और सारी जनता अंगे्रजों के विरूद्ध लड़ाई करने को शपथबद्ध करने का प्रचंड षड्यंत्र
मुख्य पीड़ा थी और उसका समाधान अच्छे शसन से नहीं, विदेशी शासन की समाप्ति से ही हो सकता था। मान सिंह जैसे प्रबल हिंदू राजा और सिकंदर शाह जैसे मुसलमानों के अधीकारी दोनों ही धर्म के देशभक्त नेताओं ने स्वतंत्रता के लिए अपना सबकुछ समर्पित करने का निश्चय किया था। हजारों मौलवी और पंडित इस जिहाद का गुप्त और खुला उपदेश करते हुए सारी अवध में घूमने लगे। लश्कर, पुलिस, जमींदार और सारी जनता अंगे्रजों के विरूद्ध लड़ाई करने को शपथबद्ध करने का प्रचंड षड्यंत्र