और अयोघ्या ने संगठित होकर न केवल ब्रिटिश सत्ता के विरूद्ध संग्राम छेड़ा, बल्कि शेष भारत के विरूद्ध भी संग्राम छेड़ा। आपने तीन वर्षों तक युद्ध लड़ा और हिंदुस्तान का ताज फिरंगियों से लगभग छीन लिया था तथा विदेशी शासन के खोखले अस्तित्व को चकनाचूर कर दिया था। कितना कड़ा पराक्रम है यह! दोआब और अयोध्या जो काम एक माह में कर सकते थे, वही कार्य समूचे हिंदुस्तान का एक संगठित, आकस्मिक और संकल्पित जागरण एक दिन में
और अयोघ्या ने संगठित होकर न केवल ब्रिटिश सत्ता के विरूद्ध संग्राम छेड़ा, बल्कि शेष भारत के विरूद्ध भी संग्राम छेड़ा। आपने तीन वर्षों तक युद्ध लड़ा और हिंदुस्तान का ताज फिरंगियों से लगभग छीन लिया था तथा विदेशी शासन के खोखले अस्तित्व को चकनाचूर कर दिया था। कितना कड़ा पराक्रम है यह! दोआब और अयोध्या जो काम एक माह में कर सकते थे, वही कार्य समूचे हिंदुस्तान का एक संगठित, आकस्मिक और संकल्पित जागरण एक दिन में