यह देखना चाहते थे। रास्ते में भयंकर ओले पड़ने और बर्फ गिरने से उन्हें बड़ा कष्ट हुआ। स्वास्थ्य जो पहले ही बिगड़ चुका था, अब और भी बिगड़ गया। उन्होंने बातचीत के दौरान श्रीमती सेविअर से कहा, ‘‘वास्तव में मेरा स्वास्थ्य अब टूट गया है, परन्तु मेरा मस्तिष्क अब भी पहले जैसा स्वस्थ व कार्यक्षम है।’’
उन्होंने देखा कि संन्यासियों ने आश्रम के एक कमरे में रामकृष्ण परमहंस की मूर्ति स्थापित कर रखी है। और वहां रोज़ पूजा, भोग, भजन आदि
यह देखना चाहते थे। रास्ते में भयंकर ओले पड़ने और बर्फ गिरने से उन्हें बड़ा कष्ट हुआ। स्वास्थ्य जो पहले ही बिगड़ चुका था, अब और भी बिगड़ गया। उन्होंने बातचीत के दौरान श्रीमती सेविअर से कहा, ‘‘वास्तव में मेरा स्वास्थ्य अब टूट गया है, परन्तु मेरा मस्तिष्क अब भी पहले जैसा स्वस्थ व कार्यक्षम है।’’
उन्होंने देखा कि संन्यासियों ने आश्रम के एक कमरे में रामकृष्ण परमहंस की मूर्ति स्थापित कर रखी है। और वहां रोज़ पूजा, भोग, भजन आदि