यह जानकर और भी अधिक प्रसन्नता हुई है कि वे अपने इस ज्ञान को बड़ी दृढ़ता के साथ एक रहस्य बनाए रखना चाहते हैं। अभाग्य और दुर्दिन होगा हम दीन, मुत्यु लोगों का और विशेषकर हिन्दुओं का, यदि यह सारा ज्ञान एक सथ धावा बोल दे ! वर्तमान थियोसाफी का अर्थ है श्रीमती बेसेन्ट ब्लैवेटस्कीवाद और आल्कटवास तो लगता है पीछे रह गए हैं....’’
शरीर चाहे अस्वस्थ था पर दिमाग की स्वस्थता बरकरार थी। व्यंग्य कितना पैना और शैली कितनी सुन्दर है:
‘एडवोकेट’
यह जानकर और भी अधिक प्रसन्नता हुई है कि वे अपने इस ज्ञान को बड़ी दृढ़ता के साथ एक रहस्य बनाए रखना चाहते हैं। अभाग्य और दुर्दिन होगा हम दीन, मुत्यु लोगों का और विशेषकर हिन्दुओं का, यदि यह सारा ज्ञान एक सथ धावा बोल दे ! वर्तमान थियोसाफी का अर्थ है श्रीमती बेसेन्ट ब्लैवेटस्कीवाद और आल्कटवास तो लगता है पीछे रह गए हैं....’’
शरीर चाहे अस्वस्थ था पर दिमाग की स्वस्थता बरकरार थी। व्यंग्य कितना पैना और शैली कितनी सुन्दर है:
‘एडवोकेट’