योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



यहां से वे अपनी माता के साथ पूर्वी बंगाल और असम के तीर्थस्थानों की अन्तिम यात्रा पर निकले। ढाका के साथ पूर्वी बंगाल और असम के तीर्थस्थानों की अन्तिक यात्रा पर निकले। ढाका से उन्होंने कामाख्यापीठ और चंद्रनाथ के दर्शन के लिए यात्रा की । रास्ते में गोआल पाड़ा तथा गोहाटी में कुछ दिन विश्राम किया। लेकिन इस कठिन यात्रा में उनका दमें का रोग क्रमशः बढ़ता चला गया। यह सोचकर कि शिलांग की आबहवा उनके लिए अनुकूल होगी शिष्यगण स्वामी


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यहां से वे अपनी माता के साथ पूर्वी बंगाल और असम के तीर्थस्थानों की अन्तिम यात्रा पर निकले। ढाका के साथ पूर्वी बंगाल और असम के तीर्थस्थानों की अन्तिक यात्रा पर निकले। ढाका से उन्होंने कामाख्यापीठ और चंद्रनाथ के दर्शन के लिए यात्रा की । रास्ते में गोआल पाड़ा तथा गोहाटी में कुछ दिन विश्राम किया। लेकिन इस कठिन यात्रा में उनका दमें का रोग क्रमशः बढ़ता चला गया। यह सोचकर कि शिलांग की आबहवा उनके लिए अनुकूल होगी शिष्यगण स्वामी


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