नियमित रूप से उनके पास जाते और दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया करते थे। हेस्टी नरेन्द्र की बहुमुखी प्रतिभा के बहुत प्रशंसक थे और इसीलिए उसे सबसे अधिक चाहते थे। एक मर्तबा नरेन्द्र ने जब कालेज के ‘दार्शनिक क्लब’ में किसी मत विशेष का सूक्ष्म विश्लेषण किया तो हेस्टी खुशी से झूम उठे और मुक्त कंठ विश्वविद्यालयों में एक भी ऐसा छात्र नहीं है जो इनके समान मेधावी हो।’’ (विवेकानन्द-जीवन चरित्र, पृष्ठ 78)
अध्ययन और आयु बढ़ने के साथ-साथ नरेन्द्र की जिज्ञासा तीव्र से तीव्रतर
नियमित रूप से उनके पास जाते और दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया करते थे। हेस्टी नरेन्द्र की बहुमुखी प्रतिभा के बहुत प्रशंसक थे और इसीलिए उसे सबसे अधिक चाहते थे। एक मर्तबा नरेन्द्र ने जब कालेज के ‘दार्शनिक क्लब’ में किसी मत विशेष का सूक्ष्म विश्लेषण किया तो हेस्टी खुशी से झूम उठे और मुक्त कंठ विश्वविद्यालयों में एक भी ऐसा छात्र नहीं है जो इनके समान मेधावी हो।’’ (विवेकानन्द-जीवन चरित्र, पृष्ठ 78)
अध्ययन और आयु बढ़ने के साथ-साथ नरेन्द्र की जिज्ञासा तीव्र से तीव्रतर