तिब्बत आक्रमण (जिसे पीछे से तिब्बत मिशन का नाम दिया गया) और अन्त में बंग-विच्छेद-ये सब लार्ड कर्जन के ऐसे कार्य थे, जिनसे राजभवन भारत की कमर टूट गई और सारे देश में एक नई ‘स्परिट’ पैदा हो गई।’’ (पृष्ठ 64)
विदेशी शासन के अत्याचारों और लूट-खसोट के विरूद्व आक्रोश बराबर बढ़ रहा था कि लार्ड कर्जन की बंग-भंग योजना ने जलती पर तेल का काम किया। इस योजना के अनुसार बंगाली भाषा-भाषी जनता को उनकी इच्छा के विरूद्व दो प्रान्तों में
तिब्बत आक्रमण (जिसे पीछे से तिब्बत मिशन का नाम दिया गया) और अन्त में बंग-विच्छेद-ये सब लार्ड कर्जन के ऐसे कार्य थे, जिनसे राजभवन भारत की कमर टूट गई और सारे देश में एक नई ‘स्परिट’ पैदा हो गई।’’ (पृष्ठ 64)
विदेशी शासन के अत्याचारों और लूट-खसोट के विरूद्व आक्रोश बराबर बढ़ रहा था कि लार्ड कर्जन की बंग-भंग योजना ने जलती पर तेल का काम किया। इस योजना के अनुसार बंगाली भाषा-भाषी जनता को उनकी इच्छा के विरूद्व दो प्रान्तों में