योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



सरकार ने दमन नीति अपनाई तो उसका परिणाम उलटा निकला। जैसे-जैसे दमन-चक्र तेज़ हुआ, वैसे ही संघर्ष उग्ररूप धारण करता चला गया। ‘‘1908 में स्थिति चरम सीमा को पहुंच गई थी। अखबारों पर मुकदमें चलाना एक आम बात

210 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

हो गई। ‘युगान्तर’ , ‘संध्या’ ‘बंदेमारतरम्’, नई जाग्रति के प्रचारक पत्र थे, वे सब बंद कर दिए गए। ‘संध्या’ के सम्पादक ब्रह्यवांधव उपाध्याय अस्पताल में मर गए।’’ ‘‘महाराष्ट्र में 13 जुलाई, 1908 को लोकमान्य तिलक गिरफ्तार किए गये।


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सरकार ने दमन नीति अपनाई तो उसका परिणाम उलटा निकला। जैसे-जैसे दमन-चक्र तेज़ हुआ, वैसे ही संघर्ष उग्ररूप धारण करता चला गया। ‘‘1908 में स्थिति चरम सीमा को पहुंच गई थी। अखबारों पर मुकदमें चलाना एक आम बात

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हो गई। ‘युगान्तर’ , ‘संध्या’ ‘बंदेमारतरम्’, नई जाग्रति के प्रचारक पत्र थे, वे सब बंद कर दिए गए। ‘संध्या’ के सम्पादक ब्रह्यवांधव उपाध्याय अस्पताल में मर गए।’’ ‘‘महाराष्ट्र में 13 जुलाई, 1908 को लोकमान्य तिलक गिरफ्तार किए गये।


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