योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



हिन्दुस्तान की महानता, विशालता और सुन्दरता का गुणणान करना ठीक है, इससे राष्ट्रीयता की भावना सुदृढ़ होती है। लेकिन उसे ‘सारे जहां से अच्छा’ मानने से यही स्वस्थ भावना अंधराष्ट्राद में बदल जाती है और वह बदली। इसी से ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ हमारे पूरे स्वाधीनता-संग्राम में राष्ट्रीयगान बना रहा और लोग इसे बिना समझे-सोचे लहक-लहककर गाते रहे। किसी ने यह सोचने-सुझाने का कष्ट नहीं किया कि विश्व को विजय करना कदाचित हमारा ध्येय नहीं हैं, हम


1063 of 1197



हिन्दुस्तान की महानता, विशालता और सुन्दरता का गुणणान करना ठीक है, इससे राष्ट्रीयता की भावना सुदृढ़ होती है। लेकिन उसे ‘सारे जहां से अच्छा’ मानने से यही स्वस्थ भावना अंधराष्ट्राद में बदल जाती है और वह बदली। इसी से ‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा’ हमारे पूरे स्वाधीनता-संग्राम में राष्ट्रीयगान बना रहा और लोग इसे बिना समझे-सोचे लहक-लहककर गाते रहे। किसी ने यह सोचने-सुझाने का कष्ट नहीं किया कि विश्व को विजय करना कदाचित हमारा ध्येय नहीं हैं, हम


1063 of 1197