के साथ गांधी का नाम व्यर्थ में जोड़ दिया। गांधी उस समय दक्षिण अफ्रीका में था और ब्रिटिश साम्राज्यवादी उसे नेता बनाकर भारतीय राजनीति के अखाड़े में ला उतारने के लिए योजनाबद्व ढंग से उसका प्रशिक्षण कर रहे थे।
प्रगतिशील और प्रतिक्रियावादी तत्त्वों को को वाद और प्रतिवाद को आपस में गड्डमड्ड करने से प्रतिक्रियावादी का हित पोषण होता है । हमारे देश में महाभारत के ज़माने ही से ऐसा होता आ रहा है और राष्ट्रीय संघर्ष के इतिहास में
के साथ गांधी का नाम व्यर्थ में जोड़ दिया। गांधी उस समय दक्षिण अफ्रीका में था और ब्रिटिश साम्राज्यवादी उसे नेता बनाकर भारतीय राजनीति के अखाड़े में ला उतारने के लिए योजनाबद्व ढंग से उसका प्रशिक्षण कर रहे थे।
प्रगतिशील और प्रतिक्रियावादी तत्त्वों को को वाद और प्रतिवाद को आपस में गड्डमड्ड करने से प्रतिक्रियावादी का हित पोषण होता है । हमारे देश में महाभारत के ज़माने ही से ऐसा होता आ रहा है और राष्ट्रीय संघर्ष के इतिहास में