में यह हिन्दू पुनरूत्ािानवाद का मुस्लिम पुनरूत्ािानवाद के साथ सिद्वान्तहीन तथा अवसरवादी समझौता था। इसका उद्देश्य तिलक से कांगे्रस का नेतृत्व हथियाना था। चैरा-चैरी की घटना के बहाने गांधी ने जब आन्दोलन वापस लिया तो बालू-रेत की नींव पर खड़ा राष्ट्रीय एकता का यह महल भी ढह गया। राष्ट्रीय एकता अन्तर्विरोधों के समुचित समाधान द्वारा ही सम्भव है उन्हें टालने-टहलाने का भयंकर परिणाम हम देश के बंटवारे के रूप में भुगत चुके हैं और भुगत रहे हैं।
में यह हिन्दू पुनरूत्ािानवाद का मुस्लिम पुनरूत्ािानवाद के साथ सिद्वान्तहीन तथा अवसरवादी समझौता था। इसका उद्देश्य तिलक से कांगे्रस का नेतृत्व हथियाना था। चैरा-चैरी की घटना के बहाने गांधी ने जब आन्दोलन वापस लिया तो बालू-रेत की नींव पर खड़ा राष्ट्रीय एकता का यह महल भी ढह गया। राष्ट्रीय एकता अन्तर्विरोधों के समुचित समाधान द्वारा ही सम्भव है उन्हें टालने-टहलाने का भयंकर परिणाम हम देश के बंटवारे के रूप में भुगत चुके हैं और भुगत रहे हैं।