बाद में ‘यंग इंडिया’ में गांधी जी का लेख विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जाहिर है कि इंडियन नेशनल कांगे्रस ने गांधी के साथ मिलकर क्रान्तिकारियों के खिलाफ युद्व शुरू कर दिया है।’’
फिर यह समझाने के बाद कि दमन और अन्याय के लिए प्रयोग हिंसा है, पर अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए बल-प्रयोग कदाचित हिंसा नहीं, अपने उद्देश्य की व्याख्या इन शब्दों में की थी:
‘‘क्रान्तिकारियों का विश्वास है कि देश की मुक्ति का एकमात्र मार्ग क्रान्ति
बाद में ‘यंग इंडिया’ में गांधी जी का लेख विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जाहिर है कि इंडियन नेशनल कांगे्रस ने गांधी के साथ मिलकर क्रान्तिकारियों के खिलाफ युद्व शुरू कर दिया है।’’
फिर यह समझाने के बाद कि दमन और अन्याय के लिए प्रयोग हिंसा है, पर अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए बल-प्रयोग कदाचित हिंसा नहीं, अपने उद्देश्य की व्याख्या इन शब्दों में की थी:
‘‘क्रान्तिकारियों का विश्वास है कि देश की मुक्ति का एकमात्र मार्ग क्रान्ति