है। वे जिस क्रान्ति के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं उसका परिणाम विदेशी सरकार और उसके पिट्ठुओं तथा जनता के सशस्त्र संघर्ष के रूप ही में प्रकट नहीं होगा, बल्कि वह देश में एक नया समाज स्थापित करने का कारण बनेगा। ऐसी क्रान्ति पूंजीवादी व्यवस्था, विषमता तथा विशेषाधिकारों को हमेशा के लए दफना देगी। यह आपके लिए प्रसन्नता और उन करोड़ों मनुष्यों के लिए जो विदेशी साम्राज्यवादियों तथा भारतीय पंूजीपतियों की लूट-खसोट का शिकार बने हुए हैं,
है। वे जिस क्रान्ति के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं उसका परिणाम विदेशी सरकार और उसके पिट्ठुओं तथा जनता के सशस्त्र संघर्ष के रूप ही में प्रकट नहीं होगा, बल्कि वह देश में एक नया समाज स्थापित करने का कारण बनेगा। ऐसी क्रान्ति पूंजीवादी व्यवस्था, विषमता तथा विशेषाधिकारों को हमेशा के लए दफना देगी। यह आपके लिए प्रसन्नता और उन करोड़ों मनुष्यों के लिए जो विदेशी साम्राज्यवादियों तथा भारतीय पंूजीपतियों की लूट-खसोट का शिकार बने हुए हैं,