समृद्वि का संदेश लाएगी। इससे देश का वास्तविक रूप संसार के सामने आएगा और वह एक नये राज्य तथा नये समाज को जन्म देगा। श्रमिक वर्ग देश की बागडोर अपने हाथ में लेगा। जनता का अधिनायकत्व स्थापित होगा, जनता काखून चूसने वाले वर्गों को हमेशा के लिए राजनीतिक सत्ता से वंचित कर देगा। क्रान्तिकारियों को नौजवानों के असंतोष में इस आगामी क्रान्ति के चिहृ दिखाई दे रहे हैं। वे उस धार्मिक रूढ़िवाद तथा मानसिक दासता को चकनाचूर करने के लिए अधीर हो उठे हैं,
समृद्वि का संदेश लाएगी। इससे देश का वास्तविक रूप संसार के सामने आएगा और वह एक नये राज्य तथा नये समाज को जन्म देगा। श्रमिक वर्ग देश की बागडोर अपने हाथ में लेगा। जनता का अधिनायकत्व स्थापित होगा, जनता काखून चूसने वाले वर्गों को हमेशा के लिए राजनीतिक सत्ता से वंचित कर देगा। क्रान्तिकारियों को नौजवानों के असंतोष में इस आगामी क्रान्ति के चिहृ दिखाई दे रहे हैं। वे उस धार्मिक रूढ़िवाद तथा मानसिक दासता को चकनाचूर करने के लिए अधीर हो उठे हैं,