योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

वह आज तक कभी असफल नहीं हुआ।’’

अगर कांग्रेस के खद्दरधारी दलाल तत्त्वों द्वारा ब्रिटिश साम्राज्यवाद की सहायता न की जाती तो सरकार का कोई भी दमन इस आन्दोलन को असफल बनाने में निश्चित रूप से असफल रहता। इसका मतलब यह हआ कि विवेकानन्द ने जिस नये भारत का स्वप्न देखा और क्रान्तिकारियों ने जिसे अपने खून से सींचा, गांधी-दर्शन उसकी भ्रूण-हत्या का निकृष्टतम षड्यंत्र था। इसे अहिंसा क्यों कहा जाए, यह तो देशी-विदेशी निहित स्वार्थों की


1094 of 1197

वह आज तक कभी असफल नहीं हुआ।’’

अगर कांग्रेस के खद्दरधारी दलाल तत्त्वों द्वारा ब्रिटिश साम्राज्यवाद की सहायता न की जाती तो सरकार का कोई भी दमन इस आन्दोलन को असफल बनाने में निश्चित रूप से असफल रहता। इसका मतलब यह हआ कि विवेकानन्द ने जिस नये भारत का स्वप्न देखा और क्रान्तिकारियों ने जिसे अपने खून से सींचा, गांधी-दर्शन उसकी भ्रूण-हत्या का निकृष्टतम षड्यंत्र था। इसे अहिंसा क्यों कहा जाए, यह तो देशी-विदेशी निहित स्वार्थों की


1094 of 1197