और किसान सभाओं का रूप धारण किया तो उसका नेतृृत्व भी अंगे्रज़-भक्त दलाल तत्त्वों ने हथिया लिया। जिस तरह गीता तथा वेदान्त के दौरे में गांधी ने महात्साई का बहुरूप भरा था उसी तरह अब जवाहर लाल नेहरू ने समाजवाद का बहुरूप भरा और इन दोनों ने जतना के साथ जो छल किया, उस छल का भंडाफोड़ करना कम्युनिस्ट पार्टी का काम था लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी अपनी यह ऐतिहासिक भूमिका अदा करने में इसलिए असमर्थ रही कि उसके नेता भी मैकाॅले की शिक्षा प्रणाली
और किसान सभाओं का रूप धारण किया तो उसका नेतृृत्व भी अंगे्रज़-भक्त दलाल तत्त्वों ने हथिया लिया। जिस तरह गीता तथा वेदान्त के दौरे में गांधी ने महात्साई का बहुरूप भरा था उसी तरह अब जवाहर लाल नेहरू ने समाजवाद का बहुरूप भरा और इन दोनों ने जतना के साथ जो छल किया, उस छल का भंडाफोड़ करना कम्युनिस्ट पार्टी का काम था लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी अपनी यह ऐतिहासिक भूमिका अदा करने में इसलिए असमर्थ रही कि उसके नेता भी मैकाॅले की शिक्षा प्रणाली