में पले-ढले अपनी राष्ट्रीय परम्परा से अब भिन्न उच्चवर्ग तथा मध्यवर्ग के अवसरवादी बुद्विजीवी थे। उनमें से अधिकांश की शिक्षा इंग्लंैड में हुई थी। वास्तव में वे माक्र्सवादी न होकर संशोधनवादी थे। संशोधनवाद नेताओं ने गांधी और नेहरू के छल का भंडाफोड़ तो क्या करना था, उल्टा कम्युनिस्ट पार्टी को कांगे्रस हाई कमान का पिछलग्गू बनाकर क्रान्ति को विफल बनाने में उसका साथ दिया। आज के हालात में इन तथाकथित माक्र्सवादी नेताओं का अवसरवाद
में पले-ढले अपनी राष्ट्रीय परम्परा से अब भिन्न उच्चवर्ग तथा मध्यवर्ग के अवसरवादी बुद्विजीवी थे। उनमें से अधिकांश की शिक्षा इंग्लंैड में हुई थी। वास्तव में वे माक्र्सवादी न होकर संशोधनवादी थे। संशोधनवाद नेताओं ने गांधी और नेहरू के छल का भंडाफोड़ तो क्या करना था, उल्टा कम्युनिस्ट पार्टी को कांगे्रस हाई कमान का पिछलग्गू बनाकर क्रान्ति को विफल बनाने में उसका साथ दिया। आज के हालात में इन तथाकथित माक्र्सवादी नेताओं का अवसरवाद