वहीं अब सिसली द्वीप पर खड़े इस्लाम के सोए सिहं को जगाते दीख पड़ते हैं। वे कहते हैं:
मैं तिरा तोहफा सू-ए-हिन्दुस्तां ले जाऊंगा
खुद यहां रोता हूं, औरों को वहां रूलाऊंगा।
परिणाम यह कि हमारा इतिहास बंट गया, परम्परा बंट गई और नायक बंट गए। हम आपस में लड़ मरे और अब तक लड़ रहे हैं। मानव एकता तो क्या स्थापित होनी थी, राष्ट्रीय एकता भी खंडित हो गई।
कम्युनिज़्म अंतर्राष्ट्रीय आंन्दोलन है और कम्युनिस्ट घोषणा पत्र में माक्र्स
वहीं अब सिसली द्वीप पर खड़े इस्लाम के सोए सिहं को जगाते दीख पड़ते हैं। वे कहते हैं:
मैं तिरा तोहफा सू-ए-हिन्दुस्तां ले जाऊंगा
खुद यहां रोता हूं, औरों को वहां रूलाऊंगा।
परिणाम यह कि हमारा इतिहास बंट गया, परम्परा बंट गई और नायक बंट गए। हम आपस में लड़ मरे और अब तक लड़ रहे हैं। मानव एकता तो क्या स्थापित होनी थी, राष्ट्रीय एकता भी खंडित हो गई।
कम्युनिज़्म अंतर्राष्ट्रीय आंन्दोलन है और कम्युनिस्ट घोषणा पत्र में माक्र्स