का भारतीय समाज) नज़र से गुज़री। भूमिका में पुस्तक लिखने का उद्देश्य क्रान्ति की शक्तियों को दृढ़ बनाना बताया गया है। इस पुस्तक के लेखक ने पाकिस्तान बनने का पहला कारण यह बताया
220 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
है कि गांधी वेदों और उपनिषदों का नाम लेता था, दूसरा कारण यह बताया है कि संसद के इतने प्रतिशत सदस्य संस्कृत को राष्ट्रीय भाषा बनाने की बात कहते हैं और तीसरा कारण यह बताया कि कांगे्रस के प्रतिक्रियावादी नेताओं ने ‘वंदेमातरम्’ को राष्ट्रीय गान का दर्जा दिया।
का भारतीय समाज) नज़र से गुज़री। भूमिका में पुस्तक लिखने का उद्देश्य क्रान्ति की शक्तियों को दृढ़ बनाना बताया गया है। इस पुस्तक के लेखक ने पाकिस्तान बनने का पहला कारण यह बताया
220 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
है कि गांधी वेदों और उपनिषदों का नाम लेता था, दूसरा कारण यह बताया है कि संसद के इतने प्रतिशत सदस्य संस्कृत को राष्ट्रीय भाषा बनाने की बात कहते हैं और तीसरा कारण यह बताया कि कांगे्रस के प्रतिक्रियावादी नेताओं ने ‘वंदेमातरम्’ को राष्ट्रीय गान का दर्जा दिया।