-विवेकानन्द
विवेकानन्द को सौंदर्य-भावना अपने कलाप्रेमी वंश से विरासत में मिली थी। वे एक निपुण संगीतकार थे और बचपन में उन्होंने चित्र कला भी सीखी थी। बाद मंे उन्होंने धर्म के माध्यम से जो राजनीतिक संघर्ष किया, उससे ज्यों-ज्यों उनके व्यक्तित्व का विकास हुआ, त्यों-त्यों सौंदर्य भावना भी विकसित हुई। गद्य के अलावा उन्होंने बंगला, संस्कृत और अंगे्रज़ी भाषा में कविताएं लिखी। अमेरिका और इंग्लैंड के विद्वानों और अखबारों ने
-विवेकानन्द
विवेकानन्द को सौंदर्य-भावना अपने कलाप्रेमी वंश से विरासत में मिली थी। वे एक निपुण संगीतकार थे और बचपन में उन्होंने चित्र कला भी सीखी थी। बाद मंे उन्होंने धर्म के माध्यम से जो राजनीतिक संघर्ष किया, उससे ज्यों-ज्यों उनके व्यक्तित्व का विकास हुआ, त्यों-त्यों सौंदर्य भावना भी विकसित हुई। गद्य के अलावा उन्होंने बंगला, संस्कृत और अंगे्रज़ी भाषा में कविताएं लिखी। अमेरिका और इंग्लैंड के विद्वानों और अखबारों ने