-मानो संसार की सभी जातियां इस भूमि में अपना-अपना खून मिला रही हैं, भाषा का यहां एक विचित्र ढंग का जमावड़ा है, आचार-व्यवहारों के संबंध में दो भारतीय जातियों में जितना अंतर है, उतना पूर्वी और यूरोपीय जातियों में नहीं।’’ (पंचम खंड, पृष्ठ 180)
लेकिन भाषाओं के विचित्र जमावडे और आचार-व्यवहार में अंतर के बावजूद हम एक महान संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं। यह संस्कृति ही राष्ट्रीय एकता के लिए सीमेंट का काम करती है। यह संस्कृति जिस भाषा में सुरक्षित है,
-मानो संसार की सभी जातियां इस भूमि में अपना-अपना खून मिला रही हैं, भाषा का यहां एक विचित्र ढंग का जमावड़ा है, आचार-व्यवहारों के संबंध में दो भारतीय जातियों में जितना अंतर है, उतना पूर्वी और यूरोपीय जातियों में नहीं।’’ (पंचम खंड, पृष्ठ 180)
लेकिन भाषाओं के विचित्र जमावडे और आचार-व्यवहार में अंतर के बावजूद हम एक महान संस्कृति के उत्तराधिकारी हैं। यह संस्कृति ही राष्ट्रीय एकता के लिए सीमेंट का काम करती है। यह संस्कृति जिस भाषा में सुरक्षित है,