योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

परमहंस से यों नरेन्द्रनाथ का पहली बार साक्षात्कार हुआ। गाना सुना तो उन्होंने इस युवक की प्रतिभा को पहचान लिया। वह उठकर नरेन्द्र के पास आए, कुछ देर बातें की और फिर दक्षिणेश्वर आने का अनुरोध करके चले गए।

एफ.ए की परीक्षा निकट थी, नरेन्द्र उसमें इतना व्यस्त रहा कि इस बात को भूल ही गया। परीक्षा समाप्त हुई तो पिता ने ब्याह की बात चलाई। नरेन्द्र का भावी ससुर दहेज में दस हजार रूपये नकद देने को तैयार था। पर नरेन्द्र इस झंझट में कैसे पड़ता? वह मित्रों से कहा करता था,


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परमहंस से यों नरेन्द्रनाथ का पहली बार साक्षात्कार हुआ। गाना सुना तो उन्होंने इस युवक की प्रतिभा को पहचान लिया। वह उठकर नरेन्द्र के पास आए, कुछ देर बातें की और फिर दक्षिणेश्वर आने का अनुरोध करके चले गए।

एफ.ए की परीक्षा निकट थी, नरेन्द्र उसमें इतना व्यस्त रहा कि इस बात को भूल ही गया। परीक्षा समाप्त हुई तो पिता ने ब्याह की बात चलाई। नरेन्द्र का भावी ससुर दहेज में दस हजार रूपये नकद देने को तैयार था। पर नरेन्द्र इस झंझट में कैसे पड़ता? वह मित्रों से कहा करता था,


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