योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



कितनी ही बार मुझसे कहा गया है कि अतीत की ओर नज़र डालने से सिर्फ मन की अवनति ही होती है इससे कोई फल नहीं होता, अतः हमें भविष्य की

225 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

ओर दृष्टि रखनी चाहिए। यह सच है। परन्तु अतीत ही से भविष्य का निर्माण होता है। अतः जहां तक हो सके, अतीत की ओर देखो, पीछे जो चिंतन-निर्झर बह रहा है, आकंठ उसका जल पिओ और उसके बाद सामने देखो और भारत को उज्ज्वलतर, महत्तर और पहले से और भी ऊंचा उठाओ। हमारे पूर्व महान


1134 of 1197



कितनी ही बार मुझसे कहा गया है कि अतीत की ओर नज़र डालने से सिर्फ मन की अवनति ही होती है इससे कोई फल नहीं होता, अतः हमें भविष्य की

225 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

ओर दृष्टि रखनी चाहिए। यह सच है। परन्तु अतीत ही से भविष्य का निर्माण होता है। अतः जहां तक हो सके, अतीत की ओर देखो, पीछे जो चिंतन-निर्झर बह रहा है, आकंठ उसका जल पिओ और उसके बाद सामने देखो और भारत को उज्ज्वलतर, महत्तर और पहले से और भी ऊंचा उठाओ। हमारे पूर्व महान


1134 of 1197