ही पर उनको सवार नहीं होने देंगे। और यदि किसी प्रकार विदेश पहुंच जायें तो उनको कारागृह में निवास करना होगा। देश, सभ्यता और समयोपयोगी कुछ-कुछ परिवर्तन सभी विषयों में कर लेना पड़ेगा। अब मैं बंगला भाषा में लेख लिखने की सोच रही हूं-सम्भव है कि साहित्य सेवी उनको पढ़कर निंदा करें। करने दो-मैं बंगला भाषा को नए सांचे में ढालने का प्रयत्न अवश्य करूंगा। आजकल लेखक जब लिखने बैठते हैं, तब क्रियापद का प्रयोग करते हैं। इससे भाषा में शक्ति
ही पर उनको सवार नहीं होने देंगे। और यदि किसी प्रकार विदेश पहुंच जायें तो उनको कारागृह में निवास करना होगा। देश, सभ्यता और समयोपयोगी कुछ-कुछ परिवर्तन सभी विषयों में कर लेना पड़ेगा। अब मैं बंगला भाषा में लेख लिखने की सोच रही हूं-सम्भव है कि साहित्य सेवी उनको पढ़कर निंदा करें। करने दो-मैं बंगला भाषा को नए सांचे में ढालने का प्रयत्न अवश्य करूंगा। आजकल लेखक जब लिखने बैठते हैं, तब क्रियापद का प्रयोग करते हैं। इससे भाषा में शक्ति