योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

ही पर उनको सवार नहीं होने देंगे। और यदि किसी प्रकार विदेश पहुंच जायें तो उनको कारागृह में निवास करना होगा। देश, सभ्यता और समयोपयोगी कुछ-कुछ परिवर्तन सभी विषयों में कर लेना पड़ेगा। अब मैं बंगला भाषा में लेख लिखने की सोच रही हूं-सम्भव है कि साहित्य सेवी उनको पढ़कर निंदा करें। करने दो-मैं बंगला भाषा को नए सांचे में ढालने का प्रयत्न अवश्य करूंगा। आजकल लेखक जब लिखने बैठते हैं, तब क्रियापद का प्रयोग करते हैं। इससे भाषा में शक्ति


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ही पर उनको सवार नहीं होने देंगे। और यदि किसी प्रकार विदेश पहुंच जायें तो उनको कारागृह में निवास करना होगा। देश, सभ्यता और समयोपयोगी कुछ-कुछ परिवर्तन सभी विषयों में कर लेना पड़ेगा। अब मैं बंगला भाषा में लेख लिखने की सोच रही हूं-सम्भव है कि साहित्य सेवी उनको पढ़कर निंदा करें। करने दो-मैं बंगला भाषा को नए सांचे में ढालने का प्रयत्न अवश्य करूंगा। आजकल लेखक जब लिखने बैठते हैं, तब क्रियापद का प्रयोग करते हैं। इससे भाषा में शक्ति


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