योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand



जो तुम सबके घट में व्याप्त है,

उसकी आराधना करो और अन्य प्रतिमाओं को तोड़ दो !

जो एक साथ ऊंचे पर नीचे भी है,

पापी और महात्मा, ईश्वर और निकृष्ट कीट,

एक साथ ही है,

उसी का पूजन करो-

जो दृश्यमान है, ज्ञेय है, सत्य है, सर्वव्यापी है,

अन्य सभी प्रतिमाओं को तोड़ दो।

ओ विमूढ़ ! जाग्रत देवता की उपेक्षा मत करो,

उसके अनन्त ्रपतिबिम्बों ही से यह विश्वपूर्ण है।

काल्पनिक छायाओं के पीछे मत भागो,

जो तुम्हें विग्रह में डालती है।


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जो तुम सबके घट में व्याप्त है,

उसकी आराधना करो और अन्य प्रतिमाओं को तोड़ दो !

जो एक साथ ऊंचे पर नीचे भी है,

पापी और महात्मा, ईश्वर और निकृष्ट कीट,

एक साथ ही है,

उसी का पूजन करो-

जो दृश्यमान है, ज्ञेय है, सत्य है, सर्वव्यापी है,

अन्य सभी प्रतिमाओं को तोड़ दो।

ओ विमूढ़ ! जाग्रत देवता की उपेक्षा मत करो,

उसके अनन्त ्रपतिबिम्बों ही से यह विश्वपूर्ण है।

काल्पनिक छायाओं के पीछे मत भागो,

जो तुम्हें विग्रह में डालती है।


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