अमेरिका ने 1776 में इंग्लैंड से स्वाधीनता प्राप्त की, तभी से 4 जुलाई को स्वाधीनता जयन्ती मनाई जाती है। 4 जुलाई, 1898 को विवेकानन्द कुछ अमेरिकी शिष्यों के साथ कश्मीर थे। वहां उन्होंने 4 जुलाई के प्रति ‘मुक्ति’ शीर्षक कविता लिखी:
वह देखो, वे घने बादल छंट रहे हैं
जिन्होंने रात को, धरती को अशुभ छाया से
231 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
ढक लिया था।
किन्तु तुम्हारा चमत्कार-पूर्ण स्पर्श पाते ही
विश्व जाग रहा है।
अमेरिका ने 1776 में इंग्लैंड से स्वाधीनता प्राप्त की, तभी से 4 जुलाई को स्वाधीनता जयन्ती मनाई जाती है। 4 जुलाई, 1898 को विवेकानन्द कुछ अमेरिकी शिष्यों के साथ कश्मीर थे। वहां उन्होंने 4 जुलाई के प्रति ‘मुक्ति’ शीर्षक कविता लिखी:
वह देखो, वे घने बादल छंट रहे हैं
जिन्होंने रात को, धरती को अशुभ छाया से
231 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
ढक लिया था।
किन्तु तुम्हारा चमत्कार-पूर्ण स्पर्श पाते ही
विश्व जाग रहा है।