योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

का रथ आज के स्तूपाकार वाहनों के समान नहीं होता था और दूसरे श्रीकृष्ण की आकृति में भावभिव्यक्ति का नितान्त अभाव है।

236 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

प्रश्न-क्या उस युग के रथ स्तूपाकर नहीं होते थे ?

स्वामीजी-क्या तुम नहीं जानते कि बौद्व युग के बाद इस देश की हर बात में एक प्रकार की अव्यवस्था-सी आ गई। प्राचीन राजागण रथों में कभी युद्व नहीं करते थे। राजस्थान में आज भी कुछ रथ हैं, जो उन प्राचीन रथों से मिलते-जुलते हैं।


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का रथ आज के स्तूपाकार वाहनों के समान नहीं होता था और दूसरे श्रीकृष्ण की आकृति में भावभिव्यक्ति का नितान्त अभाव है।

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प्रश्न-क्या उस युग के रथ स्तूपाकर नहीं होते थे ?

स्वामीजी-क्या तुम नहीं जानते कि बौद्व युग के बाद इस देश की हर बात में एक प्रकार की अव्यवस्था-सी आ गई। प्राचीन राजागण रथों में कभी युद्व नहीं करते थे। राजस्थान में आज भी कुछ रथ हैं, जो उन प्राचीन रथों से मिलते-जुलते हैं।


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