योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

क्या इनका बाह्य स्वरूप देखकर कुछ अनुमान लगाया जा सकता है ? यह किस भाव, किस आदर्श का प्रतीक है ? नहीं, क्योंकि ये सब प्रतीक शून्य हैं। पाश्चात्यों का यह पहनावा ही लो-उनके तंग कोट, सीेधे पैंट, शरीर पर इतने तंग और चिपके होते हैं कि बिलकुल भद्दे मालूम देते हैं, नहीं ? पर हम लोग, पता नहीं, उनमें क्या सुंदरता देखते हैं ? जिसे देखो कोट-पतलून डांटे है। इस देश का भ्रमण तो करो, और यदि देखने के लिए आंखे और समझने के लिए बुद्वि है


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क्या इनका बाह्य स्वरूप देखकर कुछ अनुमान लगाया जा सकता है ? यह किस भाव, किस आदर्श का प्रतीक है ? नहीं, क्योंकि ये सब प्रतीक शून्य हैं। पाश्चात्यों का यह पहनावा ही लो-उनके तंग कोट, सीेधे पैंट, शरीर पर इतने तंग और चिपके होते हैं कि बिलकुल भद्दे मालूम देते हैं, नहीं ? पर हम लोग, पता नहीं, उनमें क्या सुंदरता देखते हैं ? जिसे देखो कोट-पतलून डांटे है। इस देश का भ्रमण तो करो, और यदि देखने के लिए आंखे और समझने के लिए बुद्वि है


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