अतएव उक्त परिस्थितियों में हमारे उभरते हुए बुर्जवा ने अपनी राजनीतिक लड़ाई धर्म के माध्यम से लड़ी। विवेकानन्द ने अपने मद्रास के भाषण में कहा था कि पुनर्जागरण की तरंग ने मुझे ज़बरदस्ती बाहर फेंक दिया था। ‘‘सच्ची बात यह है कि मैं धर्म-महासभा का उद्देश्य लेकर अमेरिका नहीं गया, वह सभा तो मेरे लिए गौण वस्तु थी, उससे हमारा रास्ता बहुत कुछ साफ हो गया और कार्य करने की बहुत कुछ सुविधा हो गई।’’
विवेकानन्द ने धर्म-महासभा में आक्रमण
अतएव उक्त परिस्थितियों में हमारे उभरते हुए बुर्जवा ने अपनी राजनीतिक लड़ाई धर्म के माध्यम से लड़ी। विवेकानन्द ने अपने मद्रास के भाषण में कहा था कि पुनर्जागरण की तरंग ने मुझे ज़बरदस्ती बाहर फेंक दिया था। ‘‘सच्ची बात यह है कि मैं धर्म-महासभा का उद्देश्य लेकर अमेरिका नहीं गया, वह सभा तो मेरे लिए गौण वस्तु थी, उससे हमारा रास्ता बहुत कुछ साफ हो गया और कार्य करने की बहुत कुछ सुविधा हो गई।’’
विवेकानन्द ने धर्म-महासभा में आक्रमण