योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

वे चेतनायुक्त हो जाएंगे।’ नरेन्द्र ने इस बार श्यामा-विषयक गाना प्रारम्भ किया। उन्होंने एक बार ‘तेमनि तेमिन तेमनि करे नाचो मां श्यामा’ इस प्रकार के बहुत से श्यामा-विषयक कभी भावविष्ट हो जाते थे और कभी स्वाभाविक अवस्था प्राप्त कर लेते थे। नरेन्द्र बहुत देर तक गाना गाते रहे। अंत में गाना समाप्त होने पर श्री रामकृष्ण देव बोले, ‘‘दक्षिणेश्वर चलेगा? कितने दिनों से नहीं गया है। चल न, फिर लौट आना।’’ नरेन्द्र उसी समय तैयार हो गए।


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वे चेतनायुक्त हो जाएंगे।’ नरेन्द्र ने इस बार श्यामा-विषयक गाना प्रारम्भ किया। उन्होंने एक बार ‘तेमनि तेमिन तेमनि करे नाचो मां श्यामा’ इस प्रकार के बहुत से श्यामा-विषयक कभी भावविष्ट हो जाते थे और कभी स्वाभाविक अवस्था प्राप्त कर लेते थे। नरेन्द्र बहुत देर तक गाना गाते रहे। अंत में गाना समाप्त होने पर श्री रामकृष्ण देव बोले, ‘‘दक्षिणेश्वर चलेगा? कितने दिनों से नहीं गया है। चल न, फिर लौट आना।’’ नरेन्द्र उसी समय तैयार हो गए।


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