योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

उस प्रकार की अठारह शक्तियां हैं। कृष्ण और विजय के मन में ज्ञान-दीप जल रहा है, नरेन्द्र में ज्ञान-सूर्य विद्यमान है।’’

नरेन्द्र ने प्रतिवाद किया, ‘‘क्या कहते हैं आप? कहां विश्वविख्यात केशव सेन और कहां स्कूल का एक नगण्य लड़का नरेन्द्र। लोग सुनेंगे तो आपको पागल कहेंगे। रामकृष्ण ने मृदुहास्य कर सरल भाव से उत्तर दिया, ‘‘मैं क्या करूं भला? मां ने दिखा दिया, इसीलिए कहता हूं।’’

‘‘मां ने दिखा दिया या आपके मस्तिष्क का ख्याल है, कैसे समझुं?’’ नरेन्द्र


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उस प्रकार की अठारह शक्तियां हैं। कृष्ण और विजय के मन में ज्ञान-दीप जल रहा है, नरेन्द्र में ज्ञान-सूर्य विद्यमान है।’’

नरेन्द्र ने प्रतिवाद किया, ‘‘क्या कहते हैं आप? कहां विश्वविख्यात केशव सेन और कहां स्कूल का एक नगण्य लड़का नरेन्द्र। लोग सुनेंगे तो आपको पागल कहेंगे। रामकृष्ण ने मृदुहास्य कर सरल भाव से उत्तर दिया, ‘‘मैं क्या करूं भला? मां ने दिखा दिया, इसीलिए कहता हूं।’’

‘‘मां ने दिखा दिया या आपके मस्तिष्क का ख्याल है, कैसे समझुं?’’ नरेन्द्र


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