इसलिए नरेन्द्र ने कान्ट, फिक्टे, हेगे शाॅपेनहावर के मतवादों से भी परिचय प्राप्त किया था। इसके अलावा स्नायु और मस्तिष्क की गठन एवं कार्यप्रणाली को समझने के लिए मेडिकल कालेज में जाकर व्याख्यान सुने और विषय का अध्ययन किया। लेकिन इस सबसे ज्ञान की प्यास बुझने के बजाय और तीव्र हो उठी। उसके हृदय में सत्य तत्व-निर्णय करने का प्रबल उत्साह था। एक तरफ पश्चिम का भौतिकवाद और दूसरी तरफ दक्षिणेश्वर का अध्यात्मवाद-दोनों के बीच डोल रहा
इसलिए नरेन्द्र ने कान्ट, फिक्टे, हेगे शाॅपेनहावर के मतवादों से भी परिचय प्राप्त किया था। इसके अलावा स्नायु और मस्तिष्क की गठन एवं कार्यप्रणाली को समझने के लिए मेडिकल कालेज में जाकर व्याख्यान सुने और विषय का अध्ययन किया। लेकिन इस सबसे ज्ञान की प्यास बुझने के बजाय और तीव्र हो उठी। उसके हृदय में सत्य तत्व-निर्णय करने का प्रबल उत्साह था। एक तरफ पश्चिम का भौतिकवाद और दूसरी तरफ दक्षिणेश्वर का अध्यात्मवाद-दोनों के बीच डोल रहा