उसने स्वदेशी आंदोलन का राजनीतिक रूप धारण किया। इसमें राष्ट्रीय एकता का जो प्रदर्शन हुआ उसके कारण स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा तथा स्वराज का चारसूत्री कार्यक्रम निर्धारित हुआ।
इसके अलावा 1908 से क्रांति के जो गुप्त संगठन बने उनकी मुख्य प्रेरणा भी विवेकानन्द की शिक्षाएं थी। पुलिस ने जिन क्रांतिकारी नौजवानों के घरों की तलाशियां ली उनमें विवेकानन्द साहित्य ज़रूर मिला। इकबाल का कौमी तराना-‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां
उसने स्वदेशी आंदोलन का राजनीतिक रूप धारण किया। इसमें राष्ट्रीय एकता का जो प्रदर्शन हुआ उसके कारण स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा तथा स्वराज का चारसूत्री कार्यक्रम निर्धारित हुआ।
इसके अलावा 1908 से क्रांति के जो गुप्त संगठन बने उनकी मुख्य प्रेरणा भी विवेकानन्द की शिक्षाएं थी। पुलिस ने जिन क्रांतिकारी नौजवानों के घरों की तलाशियां ली उनमें विवेकानन्द साहित्य ज़रूर मिला। इकबाल का कौमी तराना-‘सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां