‘‘भाई, उस महापुरूष को तुम नहीं समझते। वास्तव में मैं भी उन्हें पूरी तरह समझ नहंीं पाया। फिर भी उनमें कुछ ऐसी बात है कि मैं उन्हें चाहता हूं।’’
कई युवक सदस्य ब्रह्मसमाज को छोड़कर रामकृष्ण के शिष्य बन गए थे। जब विजय गोस्वामी ने भी धर्म परिवर्तन करके साधारण समाज से संबंध विच्छेद
42 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
किया तो ब्राह्म नेता शिवनाथ ब्राह्म को रामकृष्ण के पास जाने से रोकने लगे। उन्हें मालूम था कि नरेन्द्र भी दक्षिणेश्वर जाता है,
‘‘भाई, उस महापुरूष को तुम नहीं समझते। वास्तव में मैं भी उन्हें पूरी तरह समझ नहंीं पाया। फिर भी उनमें कुछ ऐसी बात है कि मैं उन्हें चाहता हूं।’’
कई युवक सदस्य ब्रह्मसमाज को छोड़कर रामकृष्ण के शिष्य बन गए थे। जब विजय गोस्वामी ने भी धर्म परिवर्तन करके साधारण समाज से संबंध विच्छेद
42 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द
किया तो ब्राह्म नेता शिवनाथ ब्राह्म को रामकृष्ण के पास जाने से रोकने लगे। उन्हें मालूम था कि नरेन्द्र भी दक्षिणेश्वर जाता है,