योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

पास जाएंगे? अंततः प्रकति के साथ बहुत देर तक संग्राम करने के बाद अंत में जिस प्रश्न को वे अनेक धर्माचार्यों से पूछ चुके थे, पर आज तक कोई भी जिस प्रश्न का संतोषजनक उत्तर देने में समर्थ न हुआ था, उसी प्रश्न को दोहराकर उन्होंने कहा ‘‘महाराज! क्या आपने ईश्वर के दर्शन किए हैं?

‘‘मृदुहास्य से महापुरूष का प्रशान्त मुखमंडल अपूर्व शान्ति और पुण्य की आभा से उद्भासित हो उठा। उन्होंने तनिक भी सोच-विचार न करते हुए, उत्तर दिया, ‘बेटा,


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पास जाएंगे? अंततः प्रकति के साथ बहुत देर तक संग्राम करने के बाद अंत में जिस प्रश्न को वे अनेक धर्माचार्यों से पूछ चुके थे, पर आज तक कोई भी जिस प्रश्न का संतोषजनक उत्तर देने में समर्थ न हुआ था, उसी प्रश्न को दोहराकर उन्होंने कहा ‘‘महाराज! क्या आपने ईश्वर के दर्शन किए हैं?

‘‘मृदुहास्य से महापुरूष का प्रशान्त मुखमंडल अपूर्व शान्ति और पुण्य की आभा से उद्भासित हो उठा। उन्होंने तनिक भी सोच-विचार न करते हुए, उत्तर दिया, ‘बेटा,


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