ठहरा निडर और निर्भीक। मनोगत भावनाओं को छिपाए रखना उसके स्वभाव के विपरीत था। अपनी इस ईश्वर विरोधी भावना को उसने लोगों के सामने युक्ति द्वारा प्रमाणित और सिद्व करना शुरू किया। परिणाम यह हुआ कि नरेन्द्र की न सिर्फ नास्तिक के रूप में निंदा फैली बल्कि बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाने लगा कि दुष्ट लोगों की संगत में पड़कर वह शराबी और दुराचारी बन गया है। इस बेईमानी से नरेन्द्र और हठ पकड़ गया और वह लोगों के सामने सगर्व कहने लगा कि ‘अगर
ठहरा निडर और निर्भीक। मनोगत भावनाओं को छिपाए रखना उसके स्वभाव के विपरीत था। अपनी इस ईश्वर विरोधी भावना को उसने लोगों के सामने युक्ति द्वारा प्रमाणित और सिद्व करना शुरू किया। परिणाम यह हुआ कि नरेन्द्र की न सिर्फ नास्तिक के रूप में निंदा फैली बल्कि बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहा जाने लगा कि दुष्ट लोगों की संगत में पड़कर वह शराबी और दुराचारी बन गया है। इस बेईमानी से नरेन्द्र और हठ पकड़ गया और वह लोगों के सामने सगर्व कहने लगा कि ‘अगर