योद्धा सन्यासी विवेकानंद - Yoddha Sanyasi Vivekanand

इससे हम एक क्षुद्र सम्प्रदाय के रूप में परिणत हो जांएगें। तुम लोग इस प्रकार के प्रयत्न से हमेशा दूर रहना। यदि लोग भगवद् बुद्वि से उनकी पूजा करें, तो कोई हानि नहीं है। उनको न तो प्रोत्साहित करना

48 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

और न ही निरूत्साहित। साधारण लोग तो सर्वदा ‘व्यक्ति’ ही चाहेंगे, उच्च श्रेणी के लोग ‘सिद्वान्तों को ग्रहण करेगें। हमें दोनों ही चाहिए, किन्तु सिद्वांत ही सार्वभौम है, व्यक्ति नहीं। इसलिए उनक द्वारा प्रचारित सिद्वातों ही को दृढ़ता से पकड़े रहो,


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इससे हम एक क्षुद्र सम्प्रदाय के रूप में परिणत हो जांएगें। तुम लोग इस प्रकार के प्रयत्न से हमेशा दूर रहना। यदि लोग भगवद् बुद्वि से उनकी पूजा करें, तो कोई हानि नहीं है। उनको न तो प्रोत्साहित करना

48 योद्धा संन्यासी विवेकानन्द

और न ही निरूत्साहित। साधारण लोग तो सर्वदा ‘व्यक्ति’ ही चाहेंगे, उच्च श्रेणी के लोग ‘सिद्वान्तों को ग्रहण करेगें। हमें दोनों ही चाहिए, किन्तु सिद्वांत ही सार्वभौम है, व्यक्ति नहीं। इसलिए उनक द्वारा प्रचारित सिद्वातों ही को दृढ़ता से पकड़े रहो,


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