‘‘तुम लोगों का यह कह देना आसान है, पर मुझसे वे शब्द ही नहीं कहे जाते।’’
नरेन्द्र ने आग्रह किया, ‘‘हम पर दया करके ही आप कहिए।’’
गुरू ने मधुर भाव से कहा, ‘‘अच्छा, मुझसे जो बन पड़ेगा, प्रयत्न करूंगा।’’
शिष्यों ने उन्हें कुछ घंटे अकेले छोड़ दिया। जब वे लौटे तो गुरू ने कहा, ‘‘मैंने मां से कहा था, ‘‘मां, कष्ट के कारण मैं कुछ खा नहीं सकता। यह सम्भव कर दे कि मैं कुछ खा सकूं।’ मां ने तुम सबकी ओर संकेत करके मुझसे कहा, ‘इतने सब मुंह है तो हैं,
‘‘तुम लोगों का यह कह देना आसान है, पर मुझसे वे शब्द ही नहीं कहे जाते।’’
नरेन्द्र ने आग्रह किया, ‘‘हम पर दया करके ही आप कहिए।’’
गुरू ने मधुर भाव से कहा, ‘‘अच्छा, मुझसे जो बन पड़ेगा, प्रयत्न करूंगा।’’
शिष्यों ने उन्हें कुछ घंटे अकेले छोड़ दिया। जब वे लौटे तो गुरू ने कहा, ‘‘मैंने मां से कहा था, ‘‘मां, कष्ट के कारण मैं कुछ खा नहीं सकता। यह सम्भव कर दे कि मैं कुछ खा सकूं।’ मां ने तुम सबकी ओर संकेत करके मुझसे कहा, ‘इतने सब मुंह है तो हैं,