करते। रोमां रोलां लिखते हैं:
‘‘एकान्तवास के इस काल को उन्होंने कठिन शिक्षा का, एक उच्चतर के आध्यात्मिक विद्यालय का रूप दे दिया। उनकी प्रतिभा और उनकी ज्ञान की श्रेष्ठता ने शुरू ही से उनको अपने साथियों में अग्रणी का स्थान दे दिया था, यद्यपि उनमें से कई उनसे अधिक उम्र के थे।...
‘‘नरेन्द्र ने दृढ़तापूर्वक इस साधना-केन्द्र का संचालन आरम्भ किया और किसी को भगवत भजन में आलस्य की अनुुमति नहीं दी। सभी सदस्यों को वे निरन्तर
करते। रोमां रोलां लिखते हैं:
‘‘एकान्तवास के इस काल को उन्होंने कठिन शिक्षा का, एक उच्चतर के आध्यात्मिक विद्यालय का रूप दे दिया। उनकी प्रतिभा और उनकी ज्ञान की श्रेष्ठता ने शुरू ही से उनको अपने साथियों में अग्रणी का स्थान दे दिया था, यद्यपि उनमें से कई उनसे अधिक उम्र के थे।...
‘‘नरेन्द्र ने दृढ़तापूर्वक इस साधना-केन्द्र का संचालन आरम्भ किया और किसी को भगवत भजन में आलस्य की अनुुमति नहीं दी। सभी सदस्यों को वे निरन्तर